हरिद्वार(नीति शर्मा)। आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जनपद के अधिकारियों को कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने धनतेरस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भैयादूज, छठ पूजा एवं ईगास-बग्वाल के दौरान विशेष सतर्कता बरतने और संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखने को कहा है।
जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारियों एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित किया कि त्योहारों के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूरी कर ली जाएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था के मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने बताया कि 6 नवंबर को धनतेरस, 8 नवंबर को दीपावली, 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा, 11 नवंबर को भैयादूज, 14 एवं 15 नवंबर को छठ पूजा तथा 20 नवंबर को ईगास-बग्वाल पर्व मनाया जाएगा। इन अवसरों पर बाजारों, धार्मिक स्थलों, घाटों एवं सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ने की संभावना को देखते हुए विशेष सुरक्षा प्रबंध करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने सोशल मीडिया पर भ्रामक, भड़काऊ एवं धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली पोस्ट और अफवाहों पर कड़ी निगरानी रखने को कहा। सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल को सक्रिय रहकर ऐसी सूचनाओं का तत्काल खंडन करने तथा असामाजिक तत्वों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। खाद्य पदार्थों में थूकने जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सत्यापन अभियान चलाने और सीसीटीवी कैमरों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने को भी कहा गया है।
धनतेरस एवं दीपावली के दौरान बाजारों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए यातायात व्यवस्था सुचारू रखने, अतिक्रमण हटाने तथा महिलाओं के साथ छेड़छाड़, चेन स्नैचिंग एवं लूट जैसी घटनाओं की रोकथाम के लिए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। मंदिरों, शोभायात्रा मार्गों एवं अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न न हो, इसके लिए भी आवश्यक प्रबंध करने को कहा गया है।
आतिशबाजी की दुकानों एवं पटाखों के भंडारण को लेकर जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों से दूर खुले मैदानों में सीमित संख्या में ही दुकानें लगाने की अनुमति दी जाए। दुकानों एवं गोदामों की नियमानुसार जांच की जाए तथा अग्निशमन के पर्याप्त इंतजाम अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किए जाएं। बिना सुरक्षा व्यवस्था के किसी भी दुकान को अनुमति न देने तथा अवैध एवं मिलावटी पटाखों की बिक्री पर रोक लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
छठ पूजा के दौरान नदियों एवं तालाबों के किनारे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना को देखते हुए घाटों की साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है। वहीं जुआ खेलने, पटाखों को लेकर विवाद तथा विद्युत आपूर्ति बाधित होने जैसी परिस्थितियों पर भी विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने कनखल, रुड़की, ज्वालापुर, बहादराबाद सहित मिश्रित आबादी एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और प्रशासन को आपसी समन्वय से विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, पार्किंग स्थलों, बाजारों, धार्मिक स्थलों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की नियमित समीक्षा करने को भी कहा गया है।
उन्होंने निर्देश दिए कि किसी भी साम्प्रदायिक घटना अथवा अप्रिय स्थिति की सूचना मिलने पर संबंधित वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करें। जनपदीय अभिसूचना इकाई को भी गोपनीय सूचनाओं के आधार पर सतर्कता बरतने तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों पर नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी, नगर निगम, विद्युत विभाग, अग्निशमन विभाग, परिवहन विभाग, खाद्य सुरक्षा विभाग, पेयजल निगम एवं अन्य संबंधित विभागों को भी अपने-अपने स्तर पर आवश्यक व्यवस्थाएं समय से पूरी करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि सभी त्योहार आपसी भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ संपन्न हों, इसके लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहे। जनपद में मजबूत कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।



