हरिद्वार(नीति शर्मा)। उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री सुनील सैनी ने कहा कि धर्म रक्षक मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल नेतृत्व में कांवड़ मेले का सफल, शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित आयोजन हो रहा है। पवित्र श्रावण मास में आयोजित इस विशाल धार्मिक आयोजन में करोड़ों शिवभक्त मां गंगा का पवित्र जल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि शिवभक्तों की अभूतपूर्व संख्या के बावजूद धामी सरकार के प्रभावी नियोजन एवं व्यवस्थाओं के कारण प्रत्येक श्रद्धालु की यात्रा सुगम, सुरक्षित और सुविधाजनक बन रही है।
सुनील सैनी ने कहा कि हरिद्वार के जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत भुल्लर के कुशल प्रशासनिक प्रबंधन में कांवड़ मेले का आयोजन दिव्य एवं भव्य स्वरूप में संपन्न हो रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिवभक्त हरिद्वार पहुंच रहे हैं और पूरे क्षेत्र में आस्था का अद्भुत सैलाब देखने को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि भगवान महादेव के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण वास्तव में प्रेरणादायक है।

राज्य मंत्री ने कहा कि शिवभक्तों की सेवा करने से विशेष ऊर्जा और आत्मिक संतोष की अनुभूति होती है। चारों ओर गूंज रहे “हर-हर महादेव” और “बोल बम” के जयघोष वातावरण को भक्तिमय बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा केवल पैरों से तय की जाने वाली यात्रा नहीं, बल्कि आस्था, संस्कार और सनातन परंपरा का महापर्व है। कांवड़ केवल गंगाजल नहीं लाती, बल्कि पीढ़ियों से चली आ रही सांस्कृतिक विरासत और धार्मिक मूल्यों को भी आगे बढ़ाती है।
सुनील सैनी ने कहा कि जब लाखों कंठों से “बोल बम” का उद्घोष होता है और भगवा रंग सड़कों पर दिखाई देता है, तब सनातन संस्कृति की विराटता और अनंत शक्ति का अनुभव होता है। उन्होंने प्रदेशवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना करते हुए कहा कि भगवान महादेव का आशीर्वाद सभी पर बना रहे।

उन्होंने कहा कि हरिद्वार पहुंच रहे सभी शिवभक्तों की सुगम, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए भाजपा सरकार पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ कार्य कर रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु स्वास्थ्य शिविर, स्वच्छ पेयजल, मजबूत यातायात व्यवस्था तथा व्यापक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। कांवड़ मेले में उपलब्ध कराई गई व्यवस्थाओं से शिवभक्त संतुष्ट हैं और सरकार व प्रशासन को हृदय से आशीर्वाद दे रहे हैं।

