बहादराबाद(मनोज यादव)। बहादराबाद स्थित कृषि एवं भूमि संरक्षण इकाई परिसर में 11 अक्टूबर 2026 को सेवा संकल्प रबी अभियान के अंतर्गत कृषक रथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में किसानों को रबी सीजन की फसलों की बुवाई, सिंचाई प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण तथा कृषि विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति अपनाकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में किसान आयोग के उपाध्यक्ष चौधरी अजित चौधरी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में ब्लॉक प्रमुख आशा नेगी शामिल हुईं। इस अवसर पर किसान मोर्चा के अध्यक्ष जसवीर सिंह बसेडा, ज्येष्ठ प्रमुख उधम सिंह चौहान और किसान आयोग के सदस्य राव काले खां सहित कई जनप्रतिनिधि एवं किसान मौजूद रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता देशराम सैनी ने की। कार्यक्रम के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों और कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी के विशेषज्ञों ने किसानों के साथ कृषि से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की। अधिकारियों ने विभाग की ओर से संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए किसानों से इनका लाभ उठाने की अपील की।

कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी बहादराबाद अमरेंद्र चौधरी ने विभागीय योजनाओं और किसानों के हित में संचालित कार्यक्रमों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को कृषि विभाग की योजनाओं से जुड़ने तथा आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
कृषि विज्ञान केंद्र धनौरी के वैज्ञानिक डॉ. विनोद कुमार ने रबी सीजन में उगाई जाने वाली प्रमुख फसलों की बुवाई, सिंचाई प्रबंधन और कीट एवं रोग नियंत्रण के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फसलों की बुवाई के समय उचित कृषि तकनीक, संतुलित पोषण और समय पर सिंचाई का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। इससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है।

वहीं, विनोद जोशी ने किसानों को मृदा स्वास्थ्य के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारियां दीं। उन्होंने मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने, मृदा स्वास्थ्य के महत्व और बेहतर कृषि उत्पादन के लिए मिट्टी की आवश्यकताओं को समझने पर जोर दिया।
कार्यक्रम का संचालन कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी कार्यालय की ओर से किया गया। इस दौरान कृषि विभाग के कर्मचारी, तकनीकी विशेषज्ञ और क्षेत्र के किसान उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को रबी सीजन की तैयारियों के लिए जागरूक करने के साथ ही कृषि विभाग की योजनाओं और वैज्ञानिक खेती की तकनीकों को खेतों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे कृषि विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार खेती करें और विभागीय योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी कृषि आय बढ़ाने की दिशा में कदम उठाएं।





