मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाने की प्रक्रिया है एसआईआर, कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का लगाया आरोप
हरिद्वार(नीति शर्मा)। राज्य मंत्री सुनील सैनी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर भ्रामक प्रचार करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को एसआईआर के मुद्दे पर सवाल उठाने से पहले अपने शासनकाल के दौरान हुई ऐसी प्रक्रियाओं को भी याद करना चाहिए। उनके अनुसार, पहले भी देश में एसआईआर हुआ है, लेकिन उस समय कांग्रेस ने इस पर आपत्ति नहीं जताई थी। अब कांग्रेस दोहरा मापदंड अपनाते हुए इसका विरोध कर रही है।
सुनील सैनी ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को शुद्ध और पारदर्शी बनाना तथा प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल करना सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि भारतीय निर्वाचन आयोग एक संवैधानिक संस्था है और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रिया को निर्धारित नियमों के अनुसार पूरा किया जाना चाहिए।
राज्य मंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनावों में हार के बाद पार्टी अनावश्यक मुद्दों को उठाकर जनता के बीच भ्रम की स्थिति पैदा करने का प्रयास करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल इस विषय को राजनीतिक रूप देकर जनहित के मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, प्रदेश में हो रहे विकास कार्यों के बीच कांग्रेस अपने घटते जनाधार को लेकर असहज है और इसी कारण वह विभिन्न मुद्दों पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

सुनील सैनी ने कहा कि राजनीति में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखना चाहिए। राजनीतिक दलों को अपने निजी हितों से ऊपर उठकर देश और जनता के हित में काम करना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत लगातार प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है और वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।
राज्य मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास सबसे महत्वपूर्ण है। राजनीतिक दलों को संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जुड़े विषयों पर जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखनी चाहिए, ताकि आम नागरिकों के बीच अनावश्यक भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो।




