हरिद्वार(ब्यूरों)। गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित युवा शक्ति संवाद कार्यक्रम के दौरान रानीपुर विधायक आदेश चौहान की कथित उपेक्षा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मुख्यमंत्री के साथ कार्यक्रम में पहुंचे विधायक आदेश चौहान मंच पर पहुंचकर बैठ गए, लेकिन मंच पर उनके नाम की नेमप्लेट या उनके लिए निर्धारित कुर्सी नहीं थी। बताया जाता है कि इस स्थिति में विधायक को मुख्यमंत्री के पीछे सुरक्षा अधिकारियों के लिए रखी गई कुर्सी पर बैठना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की नजर जब विधायक पर पड़ी तो उन्होंने उन्हें आगे बैठने के लिए कहा। इसके बाद मंच पर बैठे पदाधिकारियों के बीच व्यवस्था बनाने का प्रयास हुआ और अंततः विधायक को अग्रिम पंक्ति में स्थान दिया गया।

राजनीतिक सूत्रों का दावा है कि कार्यक्रम के लिए विधायक को औपचारिक आमंत्रण भी नहीं भेजा गया था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। कार्यक्रम रानीपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित होने के बावजूद क्षेत्र के कई प्रमुख कार्यकर्ता और युवा पदाधिकारी भी कार्यक्रम में नजर नहीं आए, जिससे चर्चाओं को और बल मिला।
घटना के बाद भाजपा संगठन और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि पार्टी या आयोजकों की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।


