बहादराबाद(मनोज यादव)।एंकर स्किल स्कूल, बहादराबाद में गौरैया संरक्षण को लेकर आयोजित जागरूकता सत्र में पक्षी वैज्ञानिक डॉ. विनय सेठी ने गौरैया के रोचक व्यवहार पर प्रकाश डालते हुए इसे आदर्श पति और पिता की शानदार मिसाल बताया। उन्होंने कहा कि नर गौरैया जीवनभर एक ही मादा के साथ रहकर घोंसला बनाने से लेकर बच्चों के पालन-पोषण तक हर जिम्मेदारी निभाता है।
कार्यक्रम में बतौर मुख्य वक्ता पहुंचे डॉ. सेठी ने बताया कि हजारों वर्षों से इंसानों के साथ रहने वाला यह पक्षी आज अस्तित्व के संकट से जूझ रहा है। आधुनिक भवन निर्माण और बदलते परिवेश के कारण गौरैया के प्राकृतिक घोंसले खत्म होते जा रहे हैं, जिससे इसकी संख्या में लगातार गिरावट देखी जा रही है।

पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से उन्होंने प्रतिभागियों को गौरैया के जीवन, व्यवहार और संरक्षण के उपायों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सुझाव दिया कि लकड़ी के कृत्रिम घोंसले लगाकर इस समस्या का समाधान किया जा सकता है और सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सकता है।

कार्यक्रम में विनय गर्ग ने गौरैया संरक्षण के महत्व पर जोर देते हुए सभी से इसमें योगदान देने की अपील की। वहीं एंकर स्किल स्कूल के वरिष्ठ प्रशासक राकेश अरोड़ा ने मुख्य अतिथि, वक्ताओं एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया।
इस दौरान स्किल ट्रेनर चंदन, सचिन, राहुल, प्रवीण सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षु मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने गौरैया संरक्षण का संकल्प लिया।


