हरिद्वार(नीति शर्मा)। “गुरु-शिष्य परम्परा भारतीय संस्कृति की आधारशिला है। अपने देश की संस्कृति व परम्पराओं का संरक्षण, संवर्धन व सम्मान करना और इसके मूल्यों को सुरक्षित रखना हम सबका पहला कर्तव्य है, क्योंकि पूरी दुनिया में हमारी पहचान आज भी हमारी परम्पराओं व संस्कारों से ही होती है।
उपरोक्त विचार रानीपुर विधायक आदेश चौहान ने संस्कार भारती की हरिद्वार महानगर इकाई द्वारा खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ के सहयोग से सेक्टर-दो, भेल स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के माधव विशाल सभागार में आयोजित नटराज पूजन तथा कला गुरुजन सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये। गीत-संगीत व शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुतियों की मनमोहक छटा के साथ देर शाम तक चले इस कार्यक्रम में बोलते हुए आदेश चौहान ने इस बात पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की कि संस्कार भारती की हरिद्वार महानगर इकाई पिछले चार-पांच वर्षों से संस्कृति, संस्कार, कला तथा साहित्य के क्षेत्र में लगातार सराहनीय कार्य कर रही है। विशिष्ट अतिथि अध्यात्म चेतना संघ के संस्थापक व कथाव्यास आचार्य करुणेश मिश्र ने कहा कि, “आज के समय में हमें प्रगति से अधिक सद्गति की ज्यादा आवश्यकता है, हमारी परम्पराएँ व संस्कार हमेशा अपने से बड़ों का सम्मान व आदर करना सिखाते आये हैं।” कार्यक्रम को भेल के पूर्व अपर महाप्रबंधक संजय पंवार तथा पराग गुप्ता ने भी संबोधित किया।
दीप प्रज्ज्वलन, नटराज पूजन तथा डाॅ० श्वेता सरन के ध्येय गीत से प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में कवि अरुण कुमार पाठक ने संगीतमय गुरु वंदना ‘गुरु मेरी पूजा, गुरु गोविन्द’, शीना भटनागर ने ‘मेरे वतन के लोगों’, श्वेता सरन व निपुण जिंदल ने ‘संदेशे आते हैं’, प्रियंवदा ने ‘ऐ वतन ऐ वतन आबाद रहे तू’ की संगीत प्रस्तुतियों के अलावा सृष्टि बडोला की डांसिंग ग्रंथ एकेडमी के बाल कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गणेश वंदना ‘मंगलम् गणेशं’ व नटराज स्तुति ‘शंकर अति प्रचंड’, कथक नृत्यांगना देव श्री चक्रबर्ती द्वारा शिव स्तुति ‘अंगिकं भुवनं’ तथा युवा कथक नृत्यांगना वंदिता द्वारा प्रस्तुत ‘रुद्राष्टकम्’ नृत्य’ ने श्रोताओं व दर्शकों की खूब तालियाँ बटोरी।

कार्यक्रम में संस्था ने अनेक विधाओं में उनके विशिष्ट तथा उल्लेखनीय योगदान के लिये कई कला गुरुओं को कला गुरु सम्मान से विभूषित किया। सम्मानित किये गये कला गुरुओं में तेजिंदर सिंह कैंथ (योग), संगीता सक्सैना (गायन), स्वाति वर्मा (कथक), डाॅ० मेनका त्रिपाठी (साहित्य), इंदू सिंह (कथक), सुनीता भाटी (चित्रकला), प्रकाश चंद्र पांडेय (नाट्य एवं साहित्य), विष्णु प्रिया शर्मा (शिल्प), वंदिता (कथक), करुणा चौहान (गायन), एस. पी. मौर्य (योग), मनीष शर्मा (लोक कला , पांडव लीला व संस्कृति) तथा हर्ष जोशी शामिल थे। सभी को मोती माला एवं शाल पहनाकर, सम्मान पत्र तथा उपहार भेंट किये गये। इसके अतिरिक्त शिक्षा एवं संस्कृति के क्षेत्र में पंत एजुकेशन सोसाइटी की संस्थापक सुमन पंत, खेलों में अन्तर्राष्ट्रीय पावरलिफ्टर संगीता राणा, संगीत व खेलों के बढ़ावा देने के लिए खेल एवं सांस्कृतिक महासंघ के ललित जिंदल को संस्कृति सेवा सम्मान तथा युवा कवियित्री वृंदा वाणी को विशेष सेवा सम्मान से नवाज़ा गया।

मुख्य अतिथि तथा विशिष्ट अतिथियों के साथ-साथ सभी कलाकारों को सम्मान प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इसी अवसर पर संस्कार भारती के प्रान्त मंत्री राकेश मालवीय ने हरिद्वार महानगर इकाई की नई कार्यकारिणी की घोषणा भी की। कार्यक्रम के कुशल एवं सफल संचालन श्रीजा त्रिपाठी तथा कवि अमित कुमार ‘मीत’ ने किया। इकाई मंत्री संतोष कुमार साहू ने धन्यवाद ज्ञापन प्रेषित किया एवं राष्ट्रगीत ‘वंदेमातरम्’ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

कार्यक्रम में विद्यालय उप प्रधानाचार्य प्रवीण, रमेश उपाध्याय, डॉ० गौरव गुप्ता, डाॅ० नीता नय्यर, संतोष मिश्रा, ज्योति भट्ट, रेखा सिंघल, राजकुमारी राजेश्वरी, आशा साहनी, डा० अजय पाठक, महेश चन्द्र काला, सुभाष मलिक, देवेन्द्र मिश्र, पराग गुप्ता, सुभाष हँस, वृंदा वाणी, प्रीति, निशा कश्यप, सुषमा साहू, मीनाक्षी चावला, पुष्प लता हंस, रीता अवस्थी, राकेश रोशन, पवन राठौर, आर.पी. यादव, कमल सिंह सैनी, रविंद्र सोनी, विमलेश गौड़, पूनम सैनी, हरीश साहू, नेपाल गुप्ता, कवियित्री कंचन प्रभा गौतम सहित कई कार्यकर्ता एवं समाज के गणमान्यजन उपस्थित रहे।
