हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते से करीब 50 लाख रुपये की संदिग्ध निकासी के मामले का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। आरोपितों ने फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग का इस्तेमाल कर खाताधारक के नाम पर डेबिट कार्ड जारी कराया और उसके माध्यम से लाखों रुपये निकाल लिए। ठगी की रकम से ज्वेलरी, प्लॉट और स्कूटी खरीदी गई थी।
पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, 12 लाख रुपये के प्लॉट की रजिस्ट्री तथा एक स्कूटी बरामद की है। मामले में पुराना रानीपुर मोड़ स्थित आईसीआईसीआई बैंक शाखा के प्रबंधक अपूर्व दुबे की शिकायत पर कोतवाली नगर में मुकदमा दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर भगवानपुर क्षेत्र में दबिश देकर संगीता देवी, हाल निवासी सिसौना थाना भगवानपुर, मूल निवासी शंकर सरैया मुंशी इनार (बिहार), रीनू कुमार उर्फ सोनू निवासी मेघछापर थाना कुतुबशेर जिला सहारनपुर तथा उपेंद्र कुमार सहगल निवासी जनता रोड, गोविंद विहार थाना जनकपुरी जिला सहारनपुर को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि उन्होंने फर्जी आधार कार्ड के माध्यम से खाताधारक का डेबिट कार्ड प्राप्त किया था। कार्ड बंद होने पर फोन बैंकिंग की सहायता से नया एटीएम कार्ड जारी कराया गया और उसी के जरिए विभिन्न एटीएम से नकदी निकाली गई।
पुलिस जांच में सामने आया कि जुलाई-अगस्त 2025 के दौरान गिरोह ने देहरादून, रुड़की और दिल्ली से करीब 35 लाख रुपये की ज्वेलरी खरीदी थी। बाद में ज्वेलरी बेचकर प्राप्त धनराशि से संगीता देवी के नाम 12 लाख रुपये का प्लॉट खरीदा गया। इसके अलावा एक स्कूटी भी खरीदी गई थी।
शहर कोतवाल कुंदन सिंह राणा ने बताया कि गिरोह बड़ी कंपनियों के खातों को निशाना बनाकर बैंकिंग प्रणाली की खामियों का फायदा उठाता था। जांच में कई अन्य कंपनियों के खातों को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।




