मंगलौर(अनिल शीर्षवाल)। कोतवाली मंगलौर पुलिस ने दो शातिर वाहन चोरों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर कुल 18 चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। बरामद वाहनों में हरिद्वार के विभिन्न थाना क्षेत्रों के अलावा उत्तर प्रदेश और हरियाणा से चोरी की गई बाइक भी शामिल हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरिद्वार नवनीत सिंह के निर्देश पर जनपद में लगातार बढ़ रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई थी। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के निर्देशन तथा क्षेत्राधिकारी मंगलौर के पर्यवेक्षण में प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह महर के नेतृत्व में गठित टीम ने लगातार अभियान चलाया।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थलों और संभावित मार्गों पर लगे करीब 521 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज का गहन विश्लेषण किया। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए पूर्व में वाहन चोरी में संलिप्त अपराधियों का सत्यापन किया गया। जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार मास्क, कपड़े और हेयर स्टाइल बदलते थे, जिससे उनकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। इसके बावजूद पुलिस ने तकनीकी और मैनुअल इनपुट के आधार पर लगातार निगरानी रखी।
एक सटीक सूचना पर पुलिस ने हसीन पुत्र रईस तथा सोनू पुत्र अल्हादिया, दोनों निवासी ग्राम टांडा भनेड़ा, थाना मंगलौर को गिरफ्तार कर लिया। इनके कब्जे से पहले दो चोरी की मोटरसाइकिलें बरामद हुईं। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से 16 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलें भी बरामद कर कुल 18 बाइक बरामद कीं।
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने हरिद्वार के मंगलौर, भगवानपुर, झबरेड़ा, रुड़की और कलियर क्षेत्र के अलावा उत्तर प्रदेश के देवबंद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर तथा हरियाणा के पानीपत समेत कई स्थानों से मोटरसाइकिलें चोरी की थीं। अन्य जनपदों और राज्यों से संबंधित मामलों की जानकारी संबंधित पुलिस इकाइयों को भेजी जा रही है।पुलिस के अनुसार आरोपी पैदल इलाके में पहुंचते थे और मौका मिलते ही मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हो जाते थे। वारदात के बाद वे अपनी पहचान छिपाने के लिए लगातार कपड़े, मास्क और हेयर स्टाइल बदलते रहते थे, ताकि पुलिस उन्हें आसानी से पहचान न सके।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ वाहन चोरी के कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
हरिद्वार पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जनपद में वाहन चोरी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। ऐसे अपराधियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा और हर वारदात का खुलासा कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
इस पूरी कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक भगवान सिंह महर, उपनिरीक्षक नितिन विष्ट, हेड कांस्टेबल श्यामबाबू, कांस्टेबल रणवीर, मनदीप, उत्तम सिंह, के.डी. राणा तथा मोहम्मद आमिर की अहम भूमिका रही।

