हरिद्वार(ब्यूरों)। सीडीपीओ की पोेषाहार अनियमितता में कार्रवाई के नाम पर अवैध वसूली की जांच के बीच फिर से गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले में मुख्य विकास अधिकारी और जिला विकास अधिकारी से शिकायत की गई है। जिस पर सीडीपीओ का कहना है कि मामले की जांच की जाएगी।
दरअसल, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से संचालित आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं, धात्री महिलाओं और बच्चों को पोषाहार दिया जाता है, ताकि, बच्चों को पोषाहार खाने से कुपोषण का शिकार न बन सकें। हर महीने पोषाहार बच्चों को दिया जाता है, लेकिन, इसकी बंदरबाट की जा रही है और पोषाहार वितरण के नाम पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
दो दिसंबर को सोशल मीडिया में एक बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) की ओर से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की बैठक में पोषाहार की अनियमितता के नाम पर अवैध वसूली की ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल हुई थी, जिसने प्रदेश भर में वायरल होने से सरकार की छवि खराब की। ऑडियो में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और महिला अधिकारी में पोषाहार वितरण में अनियमितता पर रुपयों को लेन-देने की वार्ता साफ सुनाई पड़ रही है।
विभाग के निदेशक बंशी लाल राणा के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डाॅ. ललित नारायण मिश्रा जांच कर रहे हैं। अब तक जांच में कोई कार्रवाई भी नहीं हुई थी कि आरोपित सीडीपीओ पर फिर से गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि सीडीपीओ फर्जी शैक्षिक प्रमाणपत्र पर नौकरियां कर रही आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से आधा वेतन, खिलौना फर्जीवाडा, कमीशनखोरी कर रही हैं। सरकारी धन का दुरुप्रयोग किया जा रहा है।
