हरिद्वार(नीति शर्मा)। जनपद में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने एक सराहनीय पहल करते हुए सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को अपने कार्यालयों एवं आसपास के क्षेत्रों में न्यूनतम 10-10 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया है। साथ ही उन्होंने पौधों की सुरक्षा और नियमित देखरेख सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।
जिला कार्यालय सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि “हरित हरिद्वार” अभियान को केवल औपचारिकता न बनाकर जनभागीदारी से सफल बनाया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीन कार्यरत प्रत्येक कर्मचारी को भी कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी लेने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए वृक्षारोपण अत्यंत आवश्यक है तथा हर नागरिक को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से जनता तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और योजनाओं की प्रगति का नियमित स्थलीय निरीक्षण किया जाए।
इसके अलावा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण को गंभीर विषय बताते हुए संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए। साथ ही मानसून से पूर्व नालों और नालियों की व्यापक सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए नगर निगम, नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, जिला पंचायत तथा विकास खंड अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने को कहा गया।
जिलाधिकारी की इस पहल को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक और दूरगामी कदम माना जा रहा है, जिससे हरिद्वार को स्वच्छ, हरित और सुंदर बनाने में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।


