हरिद्वार(नीति शर्मा)। संस्कार भारती महानगर इकाई हरिद्वार द्वारा आयोजित साहित्यकारों एवं रचनाकारों की आत्मीय परिचय गोष्ठी एवं काव्य संध्या सामुदायिक केंद्र, फेस-3, शिवालिक नगर में अत्यंत गरिमामय वातावरण में संपन्न हुई।
कार्यक्रम में लखनऊ से पधारे “कला कुंज भारती” के मुख्य संपादक पद्माकांत शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। गोष्ठी में संस्कार भारती परिवार के साहित्यकारों, रचनाकारों कवियों एवं कवित्रियों ने अपना परिचय देते हुए अपनी उत्कृष्ट रचनाओं का सस्वर काव्य पाठ किया। कविता, गीत, ग़ज़ल और विविध साहित्यिक विधाओं से सजी प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को साहित्य के सौंदर्य और संवेदनाओं से अभिभूत कर दिया।
अपने उद्बोधन में पद्माकांत शर्मा ने कहा कि साहित्य समाज की आत्मा है और सशक्त लेखनी समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम बनती है। उन्होंने “कला कुंज भारती” के लिए आलेख एवं रचनाएं भेजने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए सभी साहित्य साधकों को सतत लेखन एवं सृजन के लिए प्रेरित किया।

बैठक में साहित्य, संस्कृति और भारतीय जीवन मूल्यों के संवर्धन हेतु निरंतर कार्य करने का संकल्प व्यक्त किया गया। कार्यक्रम में कलाकुंज भारती के मुख्य संपादक पद्मकान्त शर्मा, चेतना पथ मासिक पत्रिका के मुख्य संपादक अरुण पाठक, उत्तराखंड प्रांत मंत्री राकेश मालवीय, सह संपर्क प्रमुख अमित कुमार मीत, इकाई मंत्री संतोष साहू, आशा साहनी, मीनाक्षी चावला, राजकुमारी राजेश्वरी, रेखा सिंघल, प्रीति, वृंदा “वाणी”, नीता नय्यर आदि के अनेक सदस्य उपस्थित रहे।
साहित्य साधकों की बैठक आत्मीय संवाद, रचनात्मक ऊर्जा एवं सांस्कृतिक चेतना के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।





