हरिद्वार(नीति शर्मा)। कांवड़ यात्रा-2026 के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए SDRF उत्तराखण्ड लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। एक ओर SDRF की टीमें हरिद्वार के विभिन्न संवेदनशील घाटों एवं ड्यूटी प्वाइंट्स पर 24 घंटे मुस्तैदी के साथ तैनात रहकर रेस्क्यू कार्यों को अंजाम दे रही हैं, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालुओं के स्वास्थ्य की चिंता करते हुए निःशुल्क चिकित्सा सेवाएं भी उपलब्ध करा रही हैं।
इसी क्रम में बुधवार को हरिद्वार स्थित शंकराचार्य चौक पर SDRF द्वारा निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में यात्रा के दौरान थकान, कमजोरी अथवा अस्वस्थता महसूस कर रहे कांवड़ियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तथा चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक दवाइयों का निःशुल्क वितरण किया गया। इस पहल से श्रद्धालुओं को तत्काल राहत मिलने के साथ उनकी यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाने में मदद मिल रही है।
सेनानायक SDRF उत्तराखण्ड अर्पण यदुवंशी के निर्देशन में संचालित इस सेवा अभियान के तहत SDRF की टीमें केवल आपदा एवं दुर्घटना की स्थिति में ही नहीं, बल्कि प्रत्येक प्रकार की मानवीय सहायता के लिए भी सक्रिय हैं। विभिन्न घाटों पर डूबने और जलधारा में बहने की घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करते हुए SDRF अब तक लगभग 30 कांवड़ियों की सकुशल जान बचा चुकी है।
इसके अतिरिक्त बेहोश, घायल और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को स्ट्रेचर के माध्यम से स्वास्थ्य शिविरों तक पहुंचाना, लापता व्यक्तियों को उनके परिजनों से मिलाना तथा अन्य आवश्यक सहायता भी निरंतर प्रदान की जा रही है।
इस अवसर पर सहायक सेनानायक सुशील रावत, निरीक्षक कविन्द्र सजवाण, उपनिरीक्षक आशीष त्यागी, सुरेंद्र सिंह, फार्मासिस्ट नरेंद्र पंवार,दीपक, मयंक यादव सहित SDRF के अन्य अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे और श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे।
सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और सुविधाओं का ध्यान रखना भी SDRF की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद श्रद्धालुओं को समय पर स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं, जबकि विभिन्न ड्यूटी प्वाइंट्स पर तैनात SDRF टीमें किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता और रेस्क्यू के लिए पूरी तरह तत्पर हैं।

