देहरादून(हरिशंकर सैनी)। राजभवन में आज आयोजित भव्य समारोह में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य श्री गुरु राम राय इंटर कॉलेज, सहसपुर एवं लेखक डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी को महामहिम राज्यपाल उत्तराखंड लेफ्टिनेंट जनरल श्री गुरमीत सिंह जी द्वारा 10वीं बार सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनकी सुपुत्री डॉ. आयुषी सैनी को भी सम्मानित किया गया।
डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी द्वारा महामहिम राज्यपाल के प्रेरणादायी जीवन, व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर लगभग 100 पृष्ठों की अंग्रेजी काव्यात्मक पुस्तक ‘वातायन’ तैयार की गई है। पुस्तक में राज्यपाल जी के बाल्यकाल, शिक्षा, पारिवारिक संस्कार, सैन्य जीवन, राष्ट्रसेवा तथा जीवन के प्रेरणादायी प्रसंगों को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है।
राजभवन में आज इस पुस्तक का भव्य विमोचन महामहिम राज्यपाल जी द्वारा किया गया। महामहिम राज्यपाल ने पुस्तक की विषयवस्तु, काव्यात्मक प्रस्तुति तथा डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी के प्रयासों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की और इसे अपने जीवन से जुड़े संस्मरणों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत करने वाला सराहनीय प्रयास बताया।

इस अवसर पर डॉ. आयुषी सैनी ने राजभवन में महामहिम राज्यपाल जी के जीवन एवं व्यक्तित्व पर आधारित शानदार प्रस्तुति देकर उपस्थित अतिथियों को भावविभोर कर दिया। पिता-पुत्री की इस साहित्यिक एवं रचनात्मक पहल की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की।
समारोह में महामहिम राज्यपाल जी ने डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी एवं डॉ. आयुषी सैनी को स्मृति-चिह्न एवं उपहार भेंट कर सम्मानित किया। यह सम्मान पिता-पुत्री की साहित्यिक प्रतिभा, राष्ट्रप्रेम तथा समाज के प्रति उनकी रचनात्मक प्रतिबद्धता का गौरवपूर्ण सम्मान रहा।

समारोह में अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। विशेष रूप से उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
डॉ. रवीन्द्र कुमार सैनी ने इस सम्मान एवं पुस्तक के विमोचन के लिए महामहिम राज्यपाल जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘वातायन’ केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि महामहिम के प्रेरणादायी जीवन, राष्ट्रसेवा और उच्च मानवीय मूल्यों को शब्दों में अभिव्यक्त करने का विनम्र प्रयास है। उन्होंने कहा कि महामहिम राज्यपाल जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

