उत्तरकाशी(अनिल शीर्षवाल)। श्रीमती मंजीरा देवी विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ पैरामेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज द्वारा ‘हेल्थ केयर इनोवेशन फॉर पैरामेडिकल एक्सीलेंस : एक्रेडिटेशन एंड प्रैक्टिस स्टैंडर्ड्स’ विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन विश्वविद्यालय के मल्टीपर्पज हॉल में किया गया। सेमिनार में स्वास्थ्य सेवाओं में नवाचार, गुणवत्ता मानकों और पैरामेडिकल शिक्षा की भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (QCI), भारत सरकार, नई दिल्ली के निदेशक डॉ. अभिषेक शर्मा रहे। उन्होंने पैरामेडिकल शिक्षा में गुणवत्ता मानकों, एक्रेडिटेशन प्रक्रिया तथा स्वास्थ्य सेवाओं में अपनाए जाने वाले व्यावहारिक मानकों की जानकारी देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के लिए प्रशिक्षित एवं दक्ष पैरामेडिकल कार्मिकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।

डॉ. शर्मा ने विद्यार्थियों को स्वास्थ्य क्षेत्र में नवाचार और व्यावसायिक उत्कृष्टता अपनाने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि बदलते समय में गुणवत्ता आधारित स्वास्थ्य सेवाएं ही बेहतर परिणाम सुनिश्चित कर सकती हैं।
सेमिनार के समापन अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. भगवान नौटियाल ने मुख्य वक्ता का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम को विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए उपयोगी बताया।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष डॉ. हरि शंकर नौटियाल, अनुसंधान अधिकारी डॉ. ओ.पी. शर्मा, नर्सिंग कॉलेज की एचओडी डॉ. शालिनी जॉनसन, ओएसडी जी.सी. मधवाल, प्रशासनिक अधिकारी एम.पी. नौटियाल, निजी सचिव कुलपति डॉ. नितिन भट्ट, बी.ए.एम.एस. विभाग के एचओडी डॉ. विवेक भट्ट सहित अनेक संकाय सदस्य, शोधार्थी एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

