हरिद्वार(अनिल शीर्षवाल)। यात्रा सीजन और आगामी अर्धकुंभ मेले की तैयारियों के बीच मंगलवार को अपर रोड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर नगर निगम और व्यापारियों के बीच तीखा विवाद हो गया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और क्षेत्र में जमकर नारेबाजी होने लगी। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार नगर निगम की टीम अपर रोड क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने और मार्ग को सुचारु बनाने के उद्देश्य से पहुंची थी। अधिकारियों ने व्यापारियों से दुकानों का सामान निर्धारित सीमा के भीतर रखने का अनुरोध किया, ताकि यात्रियों और श्रद्धालुओं के आवागमन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। नगर निगम का कहना था कि आगामी अर्धकुंभ मेले और बढ़ती श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखना आवश्यक है।
हालांकि कई व्यापारियों ने कार्रवाई का विरोध करते हुए सामान हटाने से इंकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और माहौल तनावपूर्ण हो गया। विरोध कर रहे व्यापारियों ने नगर निगम अधिकारियों का घेराव कर “नगर निगम मुर्दाबाद” के नारे लगाए। अधिकारियों ने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कोई सहमति नहीं बन सकी।
विवाद उस समय और बढ़ गया जब नगर निगम कर्मचारियों पर सड़क और दुकानों के सामने गंदगी डालने के आरोप लगे। बताया गया कि गंदगी से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को विवादित क्षेत्र में खाली कर दिया गया, जिससे सड़क पर कूड़े का ढेर लग गया। कुछ ही देर में वह मार्ग गंदगी से पट गया, जहां से प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु गुजरते हैं। इस घटना पर स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने भी नाराजगी जताई।
गौरतलब है कि हरिद्वार में आगामी अर्धकुंभ मेले की तैयारियां चल रही हैं और प्रशासन व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने का दावा कर रहा है। ऐसे में नगर निगम और व्यापारियों के बीच हुआ यह टकराव प्रशासनिक समन्वय की कमी को उजागर करता नजर आया। घटना के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या अर्धकुंभ जैसे विशाल आयोजन से पहले प्रशासन, नगर निगम और व्यापारियों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित हो पाएगा, ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जा सके।





