कलियर(श्रवण गिरी)। पिरान कलियर दरगाह परिसर से सात माह के मासूम बच्चे के अपहरण के सनसनीखेज मामले का हरिद्वार पुलिस ने खुलासा करते हुए बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में एक युवक और एक दिव्यांग महिला को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने अधिक भीख मिलने के लालच में बच्चे का अपहरण किया था।
थाना कलियर क्षेत्र में रहने वाली कलसूम खातून पत्नी मोहम्मद नजीर ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका सात माह का नाती मोहम्मद अली रजा दरगाह परिसर से अचानक लापता हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ता अपनी मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी रजिया खातून, बेटे खुशराज तथा सात माह के नाती अली रजा के साथ नई बस्ती कलियर में किराए पर रह रही थी और रोजाना दरगाह में हाजिरी देने आती थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह ने तत्काल विशेष पुलिस टीम का गठन किया।
पुलिस टीम ने दरगाह परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक संदिग्ध युवक बच्चे को गोद में लेकर बाहर जाता दिखाई दिया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने लक्सर रेलवे स्टेशन के पास एक दिव्यांग महिला और समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा नामक युवक को बच्चे के साथ भीख मांगते हुए पकड़ लिया।
पुलिस को उस समय महत्वपूर्ण सुराग मिला जब दिव्यांग महिला की बैसाखी और बच्चे के दोनों हाथों में छह-छह उंगलियां देखी गईं। पहचान सुनिश्चित होने के बाद पुलिस ने बच्चे को उनके कब्जे से सकुशल बरामद कर लिया।
ऐसे रची गई थी अपहरण की साजिश
पूछताछ में महिला अभियुक्ता ने बताया कि वह बचपन से पोलियोग्रस्त है और करीब 20 वर्ष पहले पति की मृत्यु के बाद भीख मांगकर जीवन यापन कर रही है। लगभग दो वर्ष पहले उसकी मुलाकात समीर से हुई थी। समीर ने उसे बताया था कि पिरान कलियर दरगाह में भीख मांगने पर अच्छी आमदनी होती है। इसके बाद दोनों कलियर आकर भीख मांगने लगे।
दरगाह परिसर में उन्होंने देखा कि छोटे बच्चों को गोद में लेकर भीख मांगने वाली महिलाओं को अधिक पैसे मिलते हैं। इसी लालच में दोनों ने एक बच्चे का अपहरण करने की योजना बनाई। पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों ने करीब एक सप्ताह तक एक मानसिक रूप से कमजोर महिला और उसके बच्चे की गतिविधियों पर नजर रखी। योजना के तहत समीर ने 7 जून की शाम मासूम अली रजा का अपहरण कर लिया और उसे लेकर लंढौरा पहुंच गया।
दोनों का मकसद बच्चे को गोद में लेकर लोगों की सहानुभूति बटोरना और अधिक भीख हासिल करना था। लेकिन हरिद्वार पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के चलते उनकी योजना नाकाम हो गई और मासूम को उसकी मां और परिवार के पास सकुशल पहुंचा दिया गया।
पुलिस ने आरोपी समीर उर्फ सोनू उर्फ बड़ा पुत्र नूर आलम निवासी गोल्डन कॉलोनी, लंढौरा, कोतवाली मंगलौर तथा महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर चालान कर दिया है। मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है।
पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। मासूम की सकुशल बरामदगी से परिजनों ने राहत की सांस ली है।






